पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक कुणाल घोष पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान हमला करने की कोशिशी कई गई। इस दौरान उन पर अंडा फेंका गया। इस घटना के बाद कुणाल घोष ने इसे गंभीर सुरक्षा लापरवाही बताते हुए बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है।
टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने बताया कि वह वरिष्ठ नेताओं के साथ एक बैठक के लिए ममता बनर्जी के घर पहुंचे थे। जैसे ही वह बाहर निकल रहे थे, मीडिया ने उन्हें रोककर सवाल पूछे, जिनका वह जवाब दे रहे थे। इसी दौरान पास में खड़े दो युवकों में से एक ने उन पर अंडा फेंक दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने आखिरी क्षण में अपना चेहरा मोड़ लिया, जिससे अंडा उनके चश्मे या आंख पर नहीं लगा और एक बड़ी चोट टल गई।
उन्होंने यह भी कहा कि वह उस समय बिना किसी सुरक्षा के खड़े थे, जिससे उन्हें आसान निशाना बनाया गया। उन्होंने इस घटना को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि अगर यही घटना वरिष्ठ नेताओं जैसे सौगत रॉय, शोभनदेव चट्टोपाध्याय, कल्याण बनर्जी, मदन मित्रा या विमान बनर्जी के साथ होती, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब कोई भी ममता बनर्जी के आवास पर सुरक्षित रूप से नहीं जा सकेगा।
कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि घटना के समय किसी ने भी आरोपी को रोकने या पकड़ने की कोशिश नहीं की। तृणमूल विधायक ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “ममता दीदी को ‘जेड-श्रेणी’ की सुरक्षा मिली हुई है। यह घटना उनके आवास से लगभग 10 मीटर के दायरे में हुई है। फिर सुरक्षा कहां थी?” उन्होंने कहा कि यह घटना उन्हें रोक नहीं पाएगी।













