होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने कई ईरानी ड्रोन मार गिराए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ये “वन-वे अटैक ड्रोन” होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने के उद्देश्य से लॉन्च किए गए थे। अमेरिकी बलों ने समय रहते सभी ड्रोन को नष्ट कर दिया, जिसके बाद इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही सामान्य बनी हुई है।
CENTCOM ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुला है और समुद्री यातायात पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। वहीं, रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, एक अमेरिकी अधिकारी ने भी पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना ने कई ईरानी ड्रोन को रास्ते में ही मार गिराया, क्योंकि वे वाणिज्यिक जहाजों के लिए संभावित खतरा बन सकते थे।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर आरोप लगाया कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे भारतीय जहाजों को भी ड्रोन हमलों के जरिए निशाना बनाने की कोशिश की। ट्रंप ने इस कथित कार्रवाई को “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताते हुए ईरान को चेतावनी दी कि उसे अपने व्यवहार में बदलाव करना चाहिए।
हालांकि, अब तक भारत या ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट के आसपास किसी भारतीय ध्वज वाले जहाज पर ड्रोन हमले की पुष्टि नहीं की गई है। दोनों देशों की सरकारों ने भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब भारत ने इसी सप्ताह दूसरी बार अमेरिकी राजनयिक को तलब किया है। भारत ने ओमान की खाड़ी में भारतीय चालक दल वाले तीन व्यापारी जहाजों पर अमेरिकी कार्रवाई को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इस घटना में तीन भारतीय नाविकों की मृत्यु हुई थी।











