उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को लेकर सामने आई कथित गड़बड़ी के मामले में चुनाव आयोग ने कार्रवाई की है। समाजवादी पार्टी की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि सुल्तानपुर में मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए जमा किए गए फॉर्म-7 पर आगे कोई कार्रवाई नहीं की गई। इन फॉर्म के जरिए नंद लाल नाम के व्यक्ति के हस्ताक्षर से 26 मतदाताओं के नाम हटाने की मांग की गई थी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के मुताबिक, समाजवादी पार्टी ने 15 अक्टूबर को आरोप लगाया था कि नंद लाल के फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर मतदाताओं के नाम कटवाने की कोशिश की गई। शिकायत के बाद सुल्तानपुर के जिला निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई और विधानसभा क्षेत्र 189-सदर के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी से मामले की जांच कराई गई।
जांच में पता चला कि संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ने आवेदक की पहचान सत्यापित किए बिना फॉर्म-7 स्वीकार कर लिए थे। हालांकि, फॉर्म में आवेदक का नाम, वोटर आईडी नंबर और मोबाइल नंबर जैसी आवश्यक जानकारियां अधूरी थीं। इन कमियों के कारण फॉर्म पर आगे की कार्रवाई नहीं की गई और मतदाता सूची से किसी का नाम नहीं हटाया गया।
चुनाव संबंधी जिम्मेदारियों में लापरवाही बरतने के आरोप में BLO को हटा दिया गया है। इसके अलावा, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को भी निर्देश दिया गया है।













