राजधानी दिल्ली में लगातार चौथे दिन शुक्रवार को भी जंतर-मंतर के आस-पास मेट्रो के कई स्टेशन बंद रहे, जिससे सैकड़ों छात्रों और प्रदर्शनकारियों को प्रदर्शन स्थल तक पैदल जाना पड़ा। इस पैदल यात्रा के दौरान एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि कुछ-कुछ दांडी मार्च जैसा महसूस हो रहा था।
नयी दिल्ली मेट्रो स्टेशन और मिंटो ब्रिज के बीच, इस लंबी और अंतहीन पैदल यात्रा के दौरान प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने अचानक देखा कि महात्मा गांधी की वेशभूषा में एक व्यक्ति उनके साथ-साथ चल रहा है। हालांकि, यह संयोग महज कुछ ही सेकंड तक रहा। समूह ने ‘‘बापू की जय’’ का जोरदार नारा लगाया। इस तरह, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के मुख्य केंद्र जंतर-मंतर तक पैदल जाने वाले कई लोगों के लिए यह दृश्य एक सबसे यादगार लम्हा बन गया।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन जंतर-मंतर के आस-पास के 17 मेट्रो स्टेशन बंद रखे, जिसके चलते लोगों के लिए प्रदर्शन स्थल तक पहुंचना अपने आप में एक अलग यात्रा बन गई है। अब यह एक आम दृश्य बन चुका है। छात्र जंतर-मंतर से कई किलोमीटर की दूरी पर स्थित स्टेशन पर उतरते हैं और प्रदर्शन स्थल की ओर पैदल आगे बढ़ते हैं जिससे धीरे-धीरे सड़कों पर लोगों की लंबी कतारें बन जाती हैं।
जंतर-मंतर के नजदीकी स्टेशनों के बंद होने की सूचना मिलने पर नई दिल्ली स्टेशन से अपनी यात्रा शुरू करने वाले हर्षित सेठ ने कहा, ‘‘हम प्रदर्शनकारियों के एक समूह के साथ रेलवे स्टेशन से बाहर निकले। जैसे ही हमने मिंटो ब्रिज की ओर चलना शुरू किया, लोग हमारे साथ जुड़ते गए। सच में ऐसा लग रहा था कि हम किसी बहुत बड़े आंदोलन का हिस्सा हैं।













