लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह को फ्रीज किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक पतन से जोड़ते हुए कहा कि देश में पहले ‘वोट चोरी’, फिर ‘सरकार चोरी’ और अब ‘पार्टी चोरी’ हो रही है।
राहुल गांधी ने आज सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि पहले शिवसेना, फिर एनसीपी और अब तृणमूल कांग्रेस के मामले में एक जैसा पैटर्न देखने को मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं और फिर उसका चुनाव चिन्ह छीन लिया जाता है।
उन्होंने कहा कि जब पूरी की पूरी पार्टी चोरी हो सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना भी हैरानी की बात नहीं है। राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में ‘वोट चोरी, सरकार चोरी, अब पार्टी चोरी’ को लोकतांत्रिक पतन के प्रतीक बताया।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी जनादेश की रक्षा करना है, लेकिन इसके बजाय वह उन ताकतों की मदद कर रहा है, जो जनता के फैसले को पलट देते हैं।
उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ ममता बनर्जी की नहीं है, बल्कि हर राजनीतिक दल और हर उस मतदाता की है, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है।
राहुल गांधी की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब भारत निर्वाचन आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों के लिए पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को फिलहाल फ्रीज करने का आदेश दिया है।













