मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन रद्द किए जाने के खिलाफ कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन की याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने मंगलवार को तीनों नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्यों और निर्वाचन अधिकारी सहित सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति बी. पी. शर्मा की एकलपीठ ने नटराजन की याचिका पर अगली सुनवाई 11 सितम्बर को निर्धारित की है।
जस्टिस बीपी शर्मा की एकलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश से निर्वाचित तीनों राज्यसभा सदस्यों तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट, निर्वाचन आयोग, मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव और राज्य निर्वाचन आयोग सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अजय गुप्ता और आर्यन गुप्ता ने पैरवी की। अब इस चुनाव याचिका पर अगली सुनवाई 11 सितम्बर को होगी।
नटराजन ने नामांकन खारिज किए जाने के फैसले के खिलाफ 21 जुलाई को उच्च न्यायालय में चुनाव याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया है कि न्यायालय में लंबित एक प्रकरण की जानकारी छुपाने को आधार बनाकर निर्वाचन अधिकारी ने नियम को दरकिनार करते हुए नटराजन का नामांकन निरस्त कर दिया।
नटराजन की तरफ से याचिका में कहा गया कि एक महिला की तरफ से दायर परिवाद की सुनवाई करते हुए तेलंगाना की एक अदालत ने उनके खिलाफ समन जारी किया था। इसमें कहा गया है कि परिवाद में उनके खिलाफ कोई विशेष आरोप नहीं है और उन्हें सिर्फ प्रतिवादी बनाये जाने के कारण समन जारी किया गया था। याचिका में दावा किया गया है कि निर्वाचन अधिकारी ने नियम विरुद्ध तरीके से उनका नामांकन निरस्त किया है।












