लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इंदौर में ‘‘छात्रों की गूंज’’ कार्यक्रम में उमड़ी हजारों छात्रों और युवाओं की भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि छात्र भारत का भविष्य हैं और उनके बिना कोई भी देश मजबूत नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि छात्र जिज्ञासु होते हैं, नफरत नहीं करते, विनम्र होते हैं, निडर होते हैं, सहिष्णु होते हैं और ईमानदार होते हैं। लेकिन आज हिंदुस्तान के छात्र खुश नहीं हैं। क्योंकि छात्र बहुत परेशान हैं। उनके ऊपर बहुत दबाव है। उन्हें भविष्य नहीं दिख रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि देश पर एक सिस्टम का कब्जा है, जिसके टॉप पर 6 लोग बैठे हैं। उन्होंने एक स्लाइड दिखाते हुए कहा कि इसमें शामिल नरेंद्र मोदी पूरे सिस्टम को चलाते हैं। अमित शाह देश को भड़काते हैं, स्टूडेंट्स को लाठियों और कील लगे डंडों से पिटवाते हैं। अजीत डोभाल हम सबकी जासूसी करते हैं और मोदी-शाह को इन्फॉर्मेशन देते हैं। मोहन भागवत विचारधारा की बातें करते हैं और अडानी-अंबानी इस पूरे सिस्टम को फाइनेंस करते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि इस सिस्टम को स्टूडेंट नहीं चाहिए, अंधभक्त चाहिए। स्टूडेंट्स सवाल पूछते ही हैं। यही वजह है कि इस सिस्टम को छात्रों से खतरा लगता है। ये सिस्टम स्टूडेंट से डरता है क्यूंकि स्टूडेंट्स पूछते हैं कि दो लोगों ने पूरे सिस्टम को कैसे कैप्चर कर लिया। छात्र पूछता है कि बिना क्रिकेट खेले अमित शाह के बेटे को भारतीय क्रिकेट का सर्वेसर्वा क्यों बना दिया गया। उन्होंने कहा कि सिस्टम छात्रों से नफरत करता है, अंधभक्तों से प्यार करता है।
राहुल गांधी ने कहा कि इस सरकार का सिस्टम केवल अंधभक्त चाहता है क्योंकि अंधभक्त नफरत से बात करता है और नफरत फैलाता है। स्टूडेंट ईमानदार होता है और अंधभक्त झूठा होता है। अंधभक्त कहता है कि हिंदुस्तान को आजादी नहीं मिली। वह कहता है कि हमें विकास नहीं चाहिए। वे कहते हैं कि मोदी जी विष्णु के अवतार हैं। मगर अंधभक्त कभी नहीं पूछेगा कि स्कूलों की हालत ख़राब क्यों है? इन्फ्रास्ट्रक्चर क्यों ढह रहा है? देश में पेपर लीक क्यों हो रहे हैं? जबकि हमारे स्टूडेंट्स ये सवाल पूछते हैं।













