राहुल गांधी ने इससे पहले संसद भवन परिसर में प्रेस से बात की। उन्होंने कहा, “मुद्दा यह है कि देश के युवाओं के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं किया जा सकता। इस देश के युवाओं के पास अवसर नहीं हैं। उनके लिए लगभग सभी रास्ते बंद हो चुके हैं। केवल प्रतियोगी परीक्षाओं का एक रास्ता बचा था और उसे भी बर्बाद कर दिया गया है।”
उन्होंने कहा, “यहां मौजूद छात्र सिर्फ शिक्षा व्यवस्था की शिकायत नहीं कर रहे हैं, बल्कि अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। यह केवल शिक्षा का मुद्दा नहीं है। भारत के छात्र कह रहे हैं कि उन्हें अपने ही देश में अपना भविष्य नजर नहीं आ रहा है। धर्मेंद्र प्रधान, गृह मंत्री और प्रधानमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।













