संसद के मानसून सत्र में मंगलवार को पेपर लीक के मुद्दे पर लंबी और गरमागरम बहस हुई। आज फिर इस विधेयक पर लोकसभा में चर्चा हो रही है। नेता विपक्ष राहुल गांधी अपनी बात रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के भविष्य को सड़कों पर उतरना पड़ा।
राहुल गांधी ने कहा कि छात्र आंदोलन देश के युवाओं का भाव व्यक्त करना था। मुझे लगता है कि हर राजनीतिक दल को इस भाव व्यक्तता का सम्मान करना चाहिए। खासकर हमारे भाजपा के साथियों को। अगर हमारे भाजपा के साथी अपने खुद के बच्चों से पूछें कि उनके भाई-बहन क्या कर रहे थे तो उन्हें पता चलेगा कि प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ और वह क्यों प्रदर्शन से सहमति रखते हैं।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि कुछ छात्रों, युवा लड़कियों के परिप्रेक्ष्य ने मुझे नया नजरिया दिया। मैं उनके नजरिए से सहमत हूं। आप कहते हैं कि आप छात्र हैं इसका क्या मतलब है? उन्होंने मुझसे कहा कि एक छात्र वह है जिसका खुला दिमाग और खुला दिल है। छात्र वह है जो शुरुआत से लिखता है, मानते हैं कि उन्हें सबकुछ नहीं पता। छात्र वह होते हैं जो वह जानते हैं उसके ऊपर कुछ नया ज्ञान है। वह यह मानते हैं कि ब्रह्मांड लगातार बदल रहा है। ऐसे में छात्र मानते हैं कि ज्ञान भी लगातार बदल रहा है। छात्रों ने कहा कि विनम्रता भी इसका एक अहम पहलू है क्योंकि हमें पता है कि कोई हमसे भी ज्ञानी मौजूद है, जो इस ज्ञान को बढ़ा सकता है।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि युवाओं के प्रदर्शन को गुस्से, हिंसा या नफरत के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह देश के युवाओं की भावनाओं, चिंताओं और अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से रखने का माध्यम है। राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं का यह प्रदर्शन देखकर उन्हें खुशी और विश्वास मिला है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, विशेष रूप से भाजपा से, युवाओं की आवाज का सम्मान करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि यदि भाजपा के नेता अपने बच्चों से इस प्रदर्शन के बारे में चर्चा करेंगे, तो संभव है कि उनके बच्चे भी प्रदर्शन कर रहे युवाओं के प्रति समर्थन व्यक्त करें। राहुल गांधी ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में उन्हें कुछ भी गलत नहीं दिखता और हर भारतीय को युवाओं की इस लोकतांत्रिक भागीदारी पर गर्व होना चाहिए।













