देश में साइबर अपराध के मामलों की बाढ़ के बीच पूर्व प्रधानमंत्री आई. के. गुजराल के बेटे और पूर्व सांसद नरेश गुजराल के साथ करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। व्हाट्सऐप पर गुजराल की तस्वीर का इस्तेमाल कर ठगों ने उनके कर्मचारी से 7.8 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए। दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू कर 4 करोड़ रुपये फ्रीज करा लिए हैं और मामले में जांच शुरू कर दी है।
राज्यसभा के पूर्व सदस्य नरेश गुजराल (78) पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के बेटे हैं। इंद्र कुमार गुजराल 1997 से 1998 तक भारत के 12वें प्रधानमंत्री रहे थे। साइबर जालसाज़ों ने नरेश गुजराल की पहचान का इस्तेमाल कर ऑनलाइन ‘मैसेजिंग एप्लिकेशन’ के माध्यम से उनकी कंपनी के वित्तीय अधिकारी से 7.8 करोड़ रुपये की ठगी कर ली।
दिल्ली पुलिस के पास मंगलवार को धोखाधड़ी के मामले में एक ई-प्राथमिकी दर्ज कराई गई, जिसके बाद जांच शुरू हुई। पुलिस के अनुसार, यह धोखाधड़ी 12 से 16 जून के बीच हुई। इस दौरान, ठगों ने नरेश गुजराल की ‘डिस्प्ले पिक्चर’ का इस्तेमाल करके एक ऑनलाइन ‘मैसेजिंग’ मंच पर अकाउंट बनाया। इसके बाद जालसाज़ों ने उनके एक कर्मचारी को संदेश भेजकर कारोबारी जरूरतों का हवाला देते हुए एक निर्दिष्ट बैंक खाते में ‘रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट’ (आरटीजीएस) के माध्यम से तत्काल धनराशि हस्तांतरित करने का निर्देश दिया।












