अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में विश्व भर के नेताओं को संबोधित करते हुए एक बार फिर से यह दावा किया कि उन्होंने पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध को रुकवाया था। भाषण में ट्रंप ने ईरान की कड़ी आलोचना की, जिसपर ईरानी प्रतिनिधिमंडल महासभा हॉल से बर्हिगमन कर गया।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र की आम चर्चा में अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा, ‘‘जब से मैंने पद संभाला है, आठ युद्ध को खत्म कराना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात रही है और ऐसा करते हुए उन देशों में से कई के नेताओं के साथ दोस्ताना संबंध बना। मेरे लिए यह काफी सम्मान की बात है। इनमें से कई युद्ध तो कई वर्षों और दशकों तक चले थे।
उन्होंने कहा कि वह ये ‘‘समझौते’’ (युद्ध खत्म करने के) इसलिए करा पाए क्योंकि उन्होंने अपने ‘‘बहुत खास रिश्तों’’, व्यापार, शुल्क (टैरिफ) के इस्तेमाल और धमकी, तथा देशवार कई अन्य उपायों का सहारा लिया। ट्रंप ने कहा, ‘‘इनमें शामिल हैं – कंबोडिया और थाईलैंड, कोसोवो और सर्बिया, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और रवांडा, पाकिस्तान और भारत, आर्मेनिया और अजरबैजान, और बेशक गाजा युद्ध भी, जिसमें, जैसा कि मैंने पहले कहा था, सभी बंधकों की वापसी शामिल है- चाहे वे जीवित हों या मृत।’’ उन्होंने कहा कि इन सभी देशों ने उन्हें ‘‘धन्यवाद पत्र’’ लिखा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘पाकिस्तान के प्रधानमंत्री, जो बहुत अच्छे इंसान हैं, का कहना है कि 3 करोड़ लोगों और शायद उससे भी कहीं ज़्यादा लोगों की जान बचाने का श्रेय डोनाल्ड ट्रंप को जाता है।’’ ट्रंप ने अजरबैजान, आर्मेनिया और कंबोडिया के नेताओं की तारीफ भरी बातों का भी जिक्र किया और कहा कि उन्होंने अपने-अपने देशों में संघर्ष खत्म कराने के लिए उनका आभार जताया।













