मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों से कथित बदसलूकी के आरोपों में घिरे दिल्ली पुलिस के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) विवेक भगत को फिलहाल अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त का प्रभार नहीं दिया जाएगा।
महिला पत्रकारों की ओर से लगाए गए यौन उत्पीड़न और अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोपों के बीच दिल्ली सरकार ने 5 अक्टूबर को जारी अपने आदेश में संशोधन करने का फैसला किया है। विभागीय जांच पूरी होने तक विवेक भगत को यह अतिरिक्त प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं सौंपी जाएगी।
दिल्ली सरकार ने देर रात अपने आधिकारिक ‘X’ हैंडल के जरिए इस संबंध में स्थिति स्पष्ट की। सरकार ने बताया कि दिल्ली, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह पुलिस सेवा (DANIPS) के 12 अधिकारियों को ADCP का अतिरिक्त प्रभार देने से जुड़े आदेश में विवेक भगत के नाम को लेकर संशोधन किया जा रहा है।
सरकार के मुताबिक, इन अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी देने की प्रक्रिया 25 अगस्त को ही शुरू कर दी गई थी। यानी यह प्रक्रिया जंतर-मंतर पर हुई घटना से काफी पहले शुरू हो चुकी थी।
सरकारी बयान में कहा गया कि ACP विवेक भगत ने स्वयं अनुरोध किया है कि महिला पत्रकारों द्वारा लगाए गए कथित उत्पीड़न के आरोपों की जांच पूरी होने और मामले में संतोषजनक निष्कर्ष आने तक वह अतिरिक्त कार्यभार ग्रहण नहीं करना चाहते।
उनके अनुरोध के बाद सरकार ने 5 अक्टूबर के आदेश में संशोधन का फैसला किया है। अब संशोधित आदेश में बाकी 11 अधिकारियों को ही अतिरिक्त प्रभार दिए जाने की बात कही गई है।












