समाजवादी पार्टी (एसपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में महिला आरक्षण विधेयक के उल्लेख को लेकर उन पर निशाना साधते हुए कहा कि लाल किला झूठ बोलने की जगह नहीं है, वहां से झूठ नहीं बोलना चाहिए। एसपी प्रमुख ने कहा कि महिला आरक्षण कानून 2023 में ही पारित हो चुका है और सरकार को इसे 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में लागू करना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लिए विभाजन ‘‘जश्न मनाने का विषय’’ है।
प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से दिए अपने संबोधन में राजनीतिक दलों से मतभेदों से ऊपर उठकर विधानसभाओं और संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने में सहयोग करने की अपील की है। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित एसपी कार्यालय में कहा, ‘‘लाल किला ऐसी जगह नहीं है जहां से झूठ बोला जाए। वहां से झूठ नहीं बोलना चाहिए।
एसपी प्रमुख ने कहा, ‘‘कौन नहीं जानता कि महिला आरक्षण विधेयक पारित हो चुका है? हर कोई जानता है और हर राजनीतिक दल जानता है। हम कहते हैं कि यदि आप वास्तव में महिला आरक्षण कानून लागू करना चाहते हैं तो इसे 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में लागू करें। हम इसके लिए तैयार हैं। इससे कम से कम उन महिलाओं को चुनाव लड़ने का अवसर मिलेगा जो अभी अवसर का इंतजार कर रही हैं।’’ उनका इशारा सितंबर 2023 में संसद से सर्वसम्मति से पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ की ओर था। हालांकि, यह कानून 2024 के लोकसभा चुनाव में लागू नहीं हुआ था।
एसपी प्रमुख ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के आयोजन को लेकर भी बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और उसके सहयोगी संगठन विभाजन को लेकर ‘‘जश्न’’ मनाते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘बीजेपी और उसके ऐसे सहयोगी जो सामने नहीं आते, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मना रहे हैं। वे इसे इसलिए मनाते हैं क्योंकि उनके लिए विभाजन जश्न का विषय है। स्वतंत्रता संग्राम में उनका योगदान रहा हो या नहीं, लेकिन विभाजन में उनकी भूमिका जरूर रही है।













