आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले चंदे में कथित हेराफेरी की जांच के लिए बनाए गए विशेष जांच दल (एसआईटी) पर सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस एसआईटी के पास कोई कानूनी अधिकार नहीं है और इसे कथित “चंदा चोरी” में शामिल लोगों को बचाने के लिए बनाया गया था।
केजरीवाल का यह बयान एसआईटी द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार को अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट सौंपने के एक दिन बाद आया है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और वे और तथ्य जुटा रहे हैं।
आप के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा, “एसआईटी के पास कोई अधिकार नहीं हैं। यह न तो किसी को समन भेज सकती है, न ही किसी को गिरफ़्तार कर सकती है और न ही छापेमारी कर सकती है। अगर कोई प्राथमिकी नहीं है, तो किस कानून के तहत यह एसआईटी बनाई गई है?













