लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों पर पुलिस बर्बरता को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि अगर गृह मंत्री अमित शाह को छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल की जानकारी थी तो जवाबदेही तय होनी चाहिए, नहीं थी तो उन्हें पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कहा कि अमित शाह को बर्खास्त करें, उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच का आदेश दें और छात्रों के साथ जो हुआ, उसकी नैतिक जिम्मेदारी लेने की शालीनता दिखाएं।
राहुल गांधी ने बुधवार को लोकसभा से एंटी पेपर लीक बिल पास होने के बाद प्रेस कांफ्रेंस में आरोप लगाया कि आज लोकसभा में छात्रों के साथ बर्बरता का मुद्दा उठाने पर उन्हें अपनी बात रखने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि उनका माइक बंद कर दिया गया और उनसे कहा गया था कि यदि वे गृह मंत्री अमित शाह को लेकर दिए गए बयान पर माफी मांग लें तो उन्हें बोलने दिया जाएगा, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं बीजेपी, आरएसएस या उनसे जुड़े किसी भी व्यक्ति से कभी माफी नहीं मांगूंगा।
राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने कई बार लोकसभा अध्यक्ष से सदन में व्यवस्था बहाल करने और उन्हें बोलने का अवसर देने का आग्रह किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत अन्य मंत्रियों को कई बार बोलने का मौका मिला, लेकिन उन्हें अपनी बात रखने की अनुमति नहीं दी गई। राहुल गांधी ने कहा, “मुझे कहा गया कि अगर मैं माफी मांग लूं तो मुझे बोलने दिया जाएगा। लेकिन मैं बीजेपी, आरएसएस या उनसे जुड़े किसी भी व्यक्ति से कभी माफी नहीं मांगूंगा। नेता प्रतिपक्ष होने के नाते देश के महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाना मेरा अधिकार है।













