संसद के मानसून सत्र से पहले राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने कहा कि जो सांसद संविधान संशोधन विधेयक के लिए बीजेपी की मदद करेंगे, वे लोकतंत्र के हत्यारे कहलाएंगे और इतिहास में उनके नाम काले अक्षरों में लिखे जाएंगे। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे सत्तारूढ़ पार्टी की कोशिशों को नाकाम करने के लिए एकजुट हों।
निर्दलीय राज्यसभा सदस्य ने दावा किया कि अगर बीजेपी संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर पाती है तो वह 2029 में सत्ता में नहीं रहेगी, लेकिन अगर वह सफल हो जाती है तो विपक्ष कभी सत्ता में नहीं आ पाएगा।
सिब्बल ने कहा, ‘‘मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि संसद का यह सत्र कितना महत्वपूर्ण है। मैं यह बात पिछले कुछ महीनों में हुई घटनाओं के संदर्भ में कह रहा हूं, जैसे कि तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों का अलग खेमा बनाना।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ये सांसद बीजेपी नेताओं द्वारा नियमों की व्याख्या में हेरफेर के कारण दूसरी पार्टी में शामिल हो गए। ऐसे बीजेपी नेता सोचते हैं कि संविधान की दसवीं अनुसूची का पैरा 4 उन्हें ऐसा करने की अनुमति देता है। अब वे उस क्षेत्रीय पार्टी के सांसद हो गए हैं, जिसका संसद में कोई प्रतिनिधित्व नहीं था।’’
सिब्बल ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों को भी अपने पाले में किया और अब अन्य पार्टियों के साथ भी ऐसा करने की वह कोशिश कर रही है। उन्होंने आम आदमी पार्टी के सात सांसदों के भी भाजपा में शामिल होने का उल्लेख किया।













