• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Qaumi Tanzeem | Hindi News | Latest News | Breaking Samachar
Advertisement
  • होम
  • देश
  • राज्य
  • बिहार
  • अरब दुनिया
  • दुनिया
  • बिजनेस
  • नौकरी
  • कैरियर
  • लाइफस्टाइल
  • मनोरंजन
  • खेल
  • Epaper
  • اردو خبریں
No Result
View All Result
  • होम
  • देश
  • राज्य
  • बिहार
  • अरब दुनिया
  • दुनिया
  • बिजनेस
  • नौकरी
  • कैरियर
  • लाइफस्टाइल
  • मनोरंजन
  • खेल
  • Epaper
  • اردو خبریں
No Result
View All Result
Qaumi Tanzeem | Hindi News | Latest News | Breaking Samachar
No Result
View All Result
Home देश

किसी विशेष गाने में शामिल होना देशभक्ति का पैमाना नहीं होना चाहिए

जमाअत ने सरकार से 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026' की समीक्षा का आग्रह किया

Qaumi Tanzeem by Qaumi Tanzeem
August 6, 2026
in देश
0
किसी विशेष गाने में शामिल होना देशभक्ति का पैमाना नहीं होना चाहिए

नई दिल्ली, जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के संबोधन में ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ के पारित होने, व्यापक शैक्षिक सुधारों की आवश्यकता और देश के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति पर चिंता व्यक्त की।
मीडिया से बात करते हुए जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष मलिक मोतसिम खान ने ‘वंदे मातरम’ से जुड़े ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ के पारित होने पर कहा कि “जमाअत देश की संवैधानिक संस्थाओं का पूरा सम्मान करती है, लेकिन यह साफ़ तौर पर कहा जाना चाहिए कि ‘वंदे मातरम’ के कुछ हिस्से—खासकर वे जिनमें मातृभूमि को एक देवी के रूप में याद किया गया है और उसे कुछ देवियों से जोड़ा गया है—इस्लाम की एकेश्वरवादी मान्यताओं के अनुकूल नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह चिंता न तो नई है और न ही सांप्रदायिक है और इसे भारत के लोकतांत्रिक और संवैधानिक ढांचे के भीतर स्वीकार किया गया है।
मलिक मोतसिम खान ने कहा कि संसद ने इस तरह से कानून बनाने का फ़ैसला किया है, जिससे धार्मिक अल्पसंख्यकों में चिंता बढ़ सकती है और ऐसे मुद्दे पर बेवजह तनाव पैदा हो सकता है जो सीधे तौर पर अंतरात्मा और आस्था की आज़ादी से जुड़ा है। हालांकि यह बिल साफ़ तौर पर ‘वंदे मातरम’ गाने के लिए मजबूर नहीं करता, लेकिन इस गीत के प्रति “अपमान” या “अनादर” माने जाने वाले कामों को अपराध माना गया है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे शब्दों की अस्पष्ट और व्यक्तिपरक प्रकृति के कारण इनके गलत इस्तेमाल का गंभीर जोखिम होता है। बिजो इमैनुएल मामले के ऐतिहासिक फ़ैसले का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने यह पुष्टि की है कि सच्ची धार्मिक आस्था के आधार पर सम्मानपूर्वक किसी गतिविधि में शामिल न होना संविधान के तहत सुरक्षित है। उन्होंने आगे कहा कि देशभक्ति को किसी खास गाने, नारे या प्रतीकात्मक काम में हिस्सा लेने से नहीं मापा जा सकता। इसलिए जमाअत सरकार से अपील करती है कि वह इस कानून की समीक्षा करे और साफ़ तौर पर सुरक्षा उपाय लागू करे, ताकि संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों और आज़ादी से समझौता किए बिना राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान बना रहे।
शिक्षा की स्थिति पर बात करते हुए जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के दूसरे उपाध्यक्ष प्रो. सलीम इंजीनियर ने कहा कि नीट विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़ा जनता की गहरी नाराज़गी को दिखाता है, लेकिन केवल व्यक्ति को बदलने से उन व्यवस्थागत कमियों को दूर नहीं किया जा सकता जो सालों से जमा हो गई हैं। हाल ही में आई नीति आयोग की रिपोर्ट का ज़िक्र करते हुए उन्होंने बताया कि विगत एक दशक में लगभग 94,000 सरकारी स्कूल बंद हो गए हैं – यानी हर दिन औसतन 25 स्कूल बंद हुए हैं। यह शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ती खाई और सरकारी शिक्षा व्यवस्था में आई भारी गिरावट को दर्शाता है। प्रोफ़ेसर सलीम इंजीनियर ने कहा कि सरकारी स्कूलों का बंद होना, यूनिवर्सिटी और रिसर्च संस्थानों को मिलने वाले अनुदानमें कमी, शिक्षा का तेज़ी से कमर्शियलाइज़ेशन, अल्पसंख्यक शिक्षा और स्कॉलरशिप के लिए बजट में बार-बार कटौती, और शिक्षा व रोज़गार के बीच बढ़ती दूरी को देखते हुए भारत की शिक्षा प्रणाली की दिशा, प्राथमिकताओं और शासन-विधि की व्यापक समीक्षा की ज़रूरत है। उन्होंने सरकार से शिक्षा पर होने वाले सरकारी खर्च को सकल घरेलु उत्पाद का कम से कम 6% करने, स्कॉलरशिप और शिक्षा से जुड़ी सहायता योजनाओं को फिर से शुरू करने, सरकारी स्कूलों और सार्वजनिक विश्वविद्यालयों को मज़बूत करने, शिक्षण संस्थानों के साथ निष्पक्ष और बिना भेदभाव वाला व्यवहार सुनिश्चित करने, परीक्षा और प्रवेश प्रणाली में सुधार करने, शिक्षा को रोज़गार पैदा करने और नई टेक्नोलॉजी से बेहतर ढंग से जोड़ने, संस्थानों की स्वायत्तता और एकेडमिक आज़ादी की रक्षा करने, और संवैधानिक मूल्यों, नैतिक नागरिकता, सामाजिक सद्भाव और भारत की विविधतापूर्ण विरासत के सम्मान पर आधारित मूल्य-आधारित शिक्षा के लिए एक समावेशी ढांचा तैयार करने जैसे कदमों के ज़रिए शिक्षा नीतियों की व्यापक और विचार-विमर्श वाली समीक्षा करने का आग्रह किया।
बाढ़ की स्थिति पर प्रोफ़ेसर सलीम इंजीनियर ने असम और देश के कई अन्य हिस्सों जैसे ओडिशा, गुजरात, केरल आदि जगहों में बाढ़ से हुई व्यापक तबाही पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इन आपदाओं के बार-बार होने से यह साफ़ हो जाता है कि राहत-केंद्रित नज़रिए से हटकर आपदा से बचाव, तैयारी और क्लाइमेट रेज़िलिएंस पर केंद्रित नज़रिए को अपनाने की तत्काल ज़रूरत है। हालांकि बचाव कार्य और मानवीय सहायता ज़रूरी हैं, लेकिन सरकारों को वैज्ञानिक नदी प्रबंधन, आर्द्रभूमि के संरक्षण, बेहतर जल-निकासी प्रणालियों, पूर्व चेतावनी यंत्र, जलवायु-अनुकूल बुनियादी ढांचे और असुरक्षित समुदायों के सुनियोजित पुनर्वास जैसे दीर्घकालिक उपायों को भी समान रूप से प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने राहत कार्यों में लगे जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के स्वयंसेवकों और अन्य संगठनों के समर्पित प्रयासों की सराहना की और सरकारों, कॉर्पोरेट संस्थाओं और नागरिकों से बाढ़ से प्रभावित परिवारों को उदारतापूर्वक सहायता देने की अपील की।

Previous Post

ट्रंप की सुरक्षा में बड़ी चूक, जेट से टकराने से बचा अमेरिकी राष्ट्रपति का हेलिकॉप्टर

Next Post

सरकार चाहे जो कर ले, मुझे छात्रों की आवाज उठाने से रोक नहीं सकती

Qaumi Tanzeem

Qaumi Tanzeem

Next Post
बिहार चुनाव से ठीक पहले राहुल गांधी का हाइड्रोजन बम

सरकार चाहे जो कर ले, मुझे छात्रों की आवाज उठाने से रोक नहीं सकती

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Trending
  • Comments
  • Latest

Hands on: Samsung Galaxy A5 2017 review

April 12, 2023
पुणे में बारिश के बीच छात्रों और नागरिकों का विशाल मार्च, मुंबई में भी प्रदर्शन

पुणे में बारिश के बीच छात्रों और नागरिकों का विशाल मार्च, मुंबई में भी प्रदर्शन

July 24, 2026
उत्तराखंड के देहरादून में बाघ और गुलदार का आतंक

उत्तराखंड के देहरादून में बाघ और गुलदार का आतंक

January 17, 2024
पश्चिम बंगाल में बीएसएफ को बड़ी सफलता हाथ लगी

पश्चिम बंगाल में बीएसएफ को बड़ी सफलता हाथ लगी

February 10, 2024

Hello world!

1

The Legend of Zelda: Breath of the Wild gameplay on the Nintendo Switch

0

Shadow Tactics: Blades of the Shogun Review

0

macOS Sierra review: Mac users get a modest update this year

0
भारत समेत 5 देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने वाला बिल अमेरिकी सीनेट में पास

भारत समेत 5 देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने वाला बिल अमेरिकी सीनेट में पास

August 8, 2026
राहुल गांधी रोडशो के दौरान शादी समारोह में हुए शामिल

2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को बिना शर्त लागू करें’, राहुल गांधी

August 8, 2026
राहुल गांधी ने झारखंड के छात्र आंदोलन का किया समर्थन

राहुल गांधी ने झारखंड के छात्र आंदोलन का किया समर्थन

August 7, 2026
बिहार चुनाव से ठीक पहले राहुल गांधी का हाइड्रोजन बम

सरकार चाहे जो कर ले, मुझे छात्रों की आवाज उठाने से रोक नहीं सकती

August 6, 2026

Recent News

भारत समेत 5 देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने वाला बिल अमेरिकी सीनेट में पास

भारत समेत 5 देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने वाला बिल अमेरिकी सीनेट में पास

August 8, 2026
राहुल गांधी रोडशो के दौरान शादी समारोह में हुए शामिल

2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को बिना शर्त लागू करें’, राहुल गांधी

August 8, 2026
राहुल गांधी ने झारखंड के छात्र आंदोलन का किया समर्थन

राहुल गांधी ने झारखंड के छात्र आंदोलन का किया समर्थन

August 7, 2026
बिहार चुनाव से ठीक पहले राहुल गांधी का हाइड्रोजन बम

सरकार चाहे जो कर ले, मुझे छात्रों की आवाज उठाने से रोक नहीं सकती

August 6, 2026
Qaumi Tanzeem | Hindi News | Latest News | Breaking Samachar

Qaumi Tanzeem provide national news, international news, sports, articles, business, entrtaimnet, jobs and career news in Hindi online.

Follow Us

Browse by Category

  • Uncategorized
  • अरब दुनिया
  • उत्तर प्रदेश
  • कैरियर
  • खेल
  • झारखंड
  • दुनिया
  • देश
  • नौकरी
  • बिजनेस
  • बिहार
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल

Recent News

भारत समेत 5 देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने वाला बिल अमेरिकी सीनेट में पास

भारत समेत 5 देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने वाला बिल अमेरिकी सीनेट में पास

August 8, 2026
राहुल गांधी रोडशो के दौरान शादी समारोह में हुए शामिल

2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को बिना शर्त लागू करें’, राहुल गांधी

August 8, 2026
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact

© copyright 2017 - 2023, Qaumi Tanzeem, All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • होम
  • देश
  • राज्य
  • बिहार
  • अरब दुनिया
  • दुनिया
  • बिजनेस
  • नौकरी
  • कैरियर
  • लाइफस्टाइल
  • मनोरंजन
  • खेल
  • Epaper
  • اردو خبریں

© copyright 2017 - 2023, Qaumi Tanzeem, All Rights Reserved.