E20 पेट्रोल पर छिड़ी बहस अब सिर्फ गाड़ियों के इंजन तक सीमित नहीं रही, बल्कि सीधे सरकार की नीति और नीयत पर सवाल खड़े होने लगे हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने E20 को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है, जिसने पूरे विवाद को फिर गरमा दिया है। जयराम रमेश ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि सरकार की इस नीति के कारण जनता को ‘‘महंगे खाने और महंगे सफर’’ दोनों की कीमत चुकानी पड़ रही है। कांग्रेस नेता ने केंद्र की E20 (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) नीति की तत्काल समीक्षा करने और उपभोक्ताओं को बिना एथेनॉल वाला पेट्रोल उपलब्ध कराने की मांग भी की है।
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि ‘‘गाड़ी भी महंगी पड़े और रसोई भी, ऐसी जनविरोधी ईंधन नीति देश को स्वीकार्य नहीं हो सकती।’’
जयराम रमेश ने दावा किया कि एथेनॉल उत्पादन में गन्ने और अनाज के इस्तेमाल के कारण खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि करीब 25 लाख टन चीनी-लायक गन्ना एथेनॉल उत्पादन में चला गया, जिसके परिणामस्वरूप पिछले तीन महीनों में चीनी की कीमत 48 रुपये से बढ़कर 67 रुपये प्रति किलोग्राम और गुड़ की कीमत 50 रुपये से बढ़कर 65 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।
उन्होंने दावा किया कि चावल और मक्के का आटा भी क्रमश: 16 प्रतिशत और 11 प्रतिशत महंगा हुआ है, जबकि पशु आहार की कीमत में 10.34 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।













