भारतीय तटरक्षक बल ने गुजरात एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) के साथ मिलकर अरब सागर में नशीले पदार्थों की तस्करी की बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया। यह कार्रवाई लक्षद्वीप के पश्चिम में समुद्र में की गई। खुफिया जानकारी मिलने के बाद तटरक्षक बल ने समुद्र और हवा से निगरानी शुरू की और संदिग्ध जहाज की लगातार ट्रैकिंग की।
लगातार निगरानी के बाद तटरक्षक बल ने 25 सितंबर 2026 को संदिग्ध ईरानी धो का पीछा किया और उसे रोककर उसकी तलाशी ली। इस हाई-सी ऑपरेशन में करीब 526 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली अवैध ड्रग्स बरामद हुईं।
भारतीय तटरक्षक बल ने गुजरात एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) के साथ मिलकर अरब सागर में नशीले पदार्थों की तस्करी की बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया। यह कार्रवाई लक्षद्वीप के पश्चिम में समुद्र में की गई। खुफिया जानकारी मिलने के बाद तटरक्षक बल ने समुद्र और हवा से निगरानी शुरू की और संदिग्ध जहाज की लगातार ट्रैकिंग की।
लगातार निगरानी के बाद तटरक्षक बल ने 25 सितंबर 2026 को संदिग्ध ईरानी धो का पीछा किया और उसे रोककर उसकी तलाशी ली। इस हाई-सी ऑपरेशन में करीब 526 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली अवैध ड्रग्स बरामद हुईं।
तलाशी के दौरान बरामद खेप में हेरोइन और मेथामफेटामाइन शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन नशीले पदार्थों की कीमत 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई है। कार्रवाई के दौरान जहाज का संचालन कर रहे पांच पाकिस्तानी नागरिकों को भी गिरफ्तार किया गया।
यह पूरी कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। भारतीय तटरक्षक बल ने पहले समुद्र और हवा से संदिग्ध जहाज पर नजर रखी और उसकी गतिविधियों को लगातार ट्रैक किया। इसके बाद सही समय पर पीछा शुरू कर जहाज पर कार्रवाई की गई।













