मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने मंगलवार को कहा कि वह 15 दिन में अपनी आगे की रणनीति के बारे में बताएंगे। साथ ही समुदाय से धैर्य रखने qJ बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहने की अपील की। जरांगे ने अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद दावा किया कि समुदाय जीत के करीब है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि सत्तारूढ़ दलों के नेता आरक्षण की मांग को विफल करने की साजिश रच रहे हैं। जरांगे ने हाल में 20 दिन तक भूख हड़ताल की थी। वह कुनबी जाति की वंशावली के आधार पर मराठों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी में आरक्षण देने की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमें भविष्य में बड़ी लड़ाई के लिए तैयार रहना होगा। दुश्मन बड़ा है और एकजुट है, लेकिन हमें सभी साजिशों को नाकाम करना होगा और हम जीत के बेहद करीब हैं। जीत के लिए हमें धैर्य रखना होगा। समुदाय को यह भी सीखना होगा कि विध्वंसक होने के बजाय जागरूक होना जरूरी है। जिस तरह वे (सत्तारूढ़ दल) धैर्य के साथ बदला ले रहे हैं, उसी तरह हम भी जवाब देंगे।’’
जरांगे ने कहा कि वह अपनी रणनीति और ‘‘साजिशों को कैसे नाकाम करना है’’, इसके बारे में 15 दिन बाद बताएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की मांगों का समाधान किए बिना नेताओं को गांवों का दौरा नहीं करना चाहिए।












