दक्षिण-पश्चिम मॉनसून महाराष्ट्र के दक्षिण कोंकण क्षेत्र में पहुंच चुका है, लेकिन राज्यभर में इसके सक्रिय होने में अभी समय लग सकता है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार कम से कम 15 जून तक राज्य में व्यापक और संतोषजनक मॉनसूनी वर्षा की संभावना कम है। ऐसे में किसानों को बुवाई शुरू करने में जल्दबाजी न करने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसून सिंधुदुर्ग और रत्नागिरी जिलों के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुका है और 9 जून तक इन क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान है। हालांकि, मॉनसून की आगे बढ़ने की गति फिलहाल धीमी रहने की संभावना है।
पूर्वानुमान के मुताबिक 15 जून तक विदर्भ, मराठवाड़ा, खानदेश और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में दोपहर बाद बादल छाने, गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश होने की संभावना है। लेकिन यह वर्षा इतनी व्यापक नहीं होगी कि बड़े पैमाने पर खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकें।
इस बीच, राज्य के कई इलाकों में गर्मी का असर भी बना रहेगा। मौसम विभाग ने कहा है कि कम से कम 12 जून तक अधिकतम तापमान सामान्य से ऊंचा रह सकता है। विदर्भ और खानदेश में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच सकता है, जबकि मराठवाड़ा में यह 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।













