मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर हुए ताजा खुलासों पर मचे हंगामे के बीच पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने गुरुवार को मांग की कि राज्य में अगले छह महीनों में होने वाले विधानसभा चुनाव तक वोटर लिस्ट के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर) पर रोक लगाई जाए।
उन्होंने यह भी मांग की कि चुनाव मौजूदा वोटर लिस्ट के आधार पर ही कराए जाएं और इसमें कोई नाम न हटाया जाए। उसी लिस्ट पर चुनाव हो जिसे 2024 के आम चुनावों के लिए आधार बनाया गया था। यही एकमात्र तरीका है, जिससे यह पक्का किया जा सकता है कि किसी भी असली वोटर को वोट देने के कीमती अधिकार से वंचित न किया जाए।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने एक बयान में कहा कि पहली बार वोट देने वाले हजारों असली और योग्य लोगों को वोट देने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। ऐसा नए ‘फॉर्म 6’ की बहुत ज्यादा जटिलताओं के कारण हो रहा है, जिसे उन्हें वोटर के तौर पर रजिस्टर होने के लिए भरना होता है। उन्होंने कहा कि पहली बार वोट देने वालों के लिए पिछली वोटर लिस्ट में अपने माता-पिता या दादा-दादी का जिक्र करने की शर्त पूरी करना सबसे मुश्किल काम है।













