मुंबई के शिवाजी पार्क में ‘तिरंगा’ रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘देशभक्तों ने अंधभक्तों को हरा दिया है।’’
इस रैली में युवाओं की भारी भीड़ जमा हुई, जिनमें ज़्यादातर कॉलेज के छात्र थे। वे राष्ट्रीय ध्वज लहरा रहे थे और संविधान के पोस्टर लिए हुए थे, तथा धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफ़े का ‘‘जश्न’’ मना रहे थे।
सुबह से हो रही हल्की बारिश के बीच रेनकोट पहने और छाते लिए युवा संविधान निर्माता बी.आर. आंबेडकर के पोस्टर तथा सोशल मीडिया के उन ‘मीम्स’ के पोस्टर लिए हुए थे जो ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के देशव्यापी विरोध-प्रदर्शनों के दौरान वायरल हुए थे।
दिल्ली में 22 जुलाई को छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के बाद से महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन देखे गए, जिनमें मुंबई का शिवाजी पार्क लोगों के जमा होने का मुख्य केंद्र रहा।













