अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान की नाकाबंदी से होर्मुज स्ट्रेट में फंसे जहाजों के ट्रांजिट के लिए प्रोजेक्ट फ्रीडम की शुरुआत की थी। हालांकि, ट्रंप का प्रोजेक्ट फ्रीडम 48 घंटे तक भी नहीं टिक पाया और बंद हो गया। वहीं अभी भी होर्मुज में 1600 से ज्यादा जहाज फंसे हुए हैं।
अमेरिकी मीडिया सीएनएन के अनुसार, लगभग 1,600 जहाज अब भी होर्मुज स्ट्रेट के पास फंसे हुए हैं, शिपिंग कंपनियों को एक महंगी और जोखिम भरी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। वे दो महीने से ज्यादा समय से पानी के रास्ते से निकलने का मौका ढूंढ रही हैं। ट्रंप का जहाजों को स्ट्रेट से गाइड करने का ऑपरेशन सिर्फ 48 घंटे चला। सिर्फ दो जहाजों को ही गाइड किया गया। अब, फिर से कंपनियां अकेले ट्रांजिट का रिस्क उठाने को तैयार नहीं हैं। जहाजों को जाने देने से कार्गो और स्टाफ दोनों को खतरा होगा।
इस बीच ईरान के पोर्ट्स एंड मेरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन ने घोषणा की है कि देश के बंदरगाह होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे या गुजरने वाले जहाजों को हर प्रकार की सहायता देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सरकारी समाचार एजेंसी इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) के अनुसार, यह जानकारी खाड़ी क्षेत्र में संचालित वाणिज्यिक जहाजों के कप्तानों को जारी किए गए एक आधिकारिक संदेश में दी गई।
ईरान के समुद्री प्राधिकरण ने कहा कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव और नौवहन संबंधी चुनौतियों को देखते हुए जहाजों को तकनीकी सहायता, ईंधन, चिकित्सा सेवाएं और आवश्यक रखरखाव सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। विशेष रूप से ईरानी जलक्षेत्र और बंदरगाहों से गुजरने वाले जहाज इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। अधिकारियों के मुताबिक, यह संदेश समुद्री संचार नेटवर्क और वीएचएफ (वेरी हाई फ्रीक्वेंसी) सिस्टम के जरिए लगातार तीन दिनों तक प्रतिदिन तीन बार प्रसारित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक जहाजों तक सूचना पहुंच सके।













