लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी की छात्रों को माफ करने वाली टिप्पणी को लेकर उनपर निशाना साधा और कहा कि ‘भारत के भविष्य’ को माफ करने का अधिकार प्रधानमंत्री को किसने दिया? उन्होंने कहा कि छात्र गंभीर पीड़ा झेल रहे हैं, उन्हें प्रधानमंत्री की माफी नहीं चाहिए। मोदी को खुद छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।
राहुल गांधी ने एमडीएमके नेता वाइको की पुस्तक ‘वाइको इन पार्लियामेंट’ के विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए यह आरोप भी लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की सोच भारत की विविध भाषाओं, संस्कृतियों और इतिहास को कमजोर करने वाली है और इसी के विरोध में छात्र सड़कों पर उतरकर ‘भारत की अवधारणा’ (आइडिया ऑफ इंडिया) की रक्षा कर रहे हैं।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश एक ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां छात्र रोजगार, निष्पक्ष परीक्षाओं और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर सड़कों पर हैं। उनका कहना था कि एक तरफ छात्र आंदोलन कर रहे हैं और दूसरी तरफ प्रधानमंत्री उन्हें माफ करने की बात कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया, ‘‘उन्हें छात्रों को माफ करने का अधिकार किसने दिया? भारत के भविष्य को माफ करने का अधिकार उन्हें कहां से मिलता है?’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।
राहुल गांधी ने वाइको के राजनीतिक संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के प्रत्येक राज्य को अपनी संस्कृति, इतिहास और भाषा के साथ सम्मानपूर्वक जीने का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग तमिल, मराठी, बांग्ला, मलयालम समेत विभिन्न भारतीय भाषाओं और उनसे जुड़ी सांस्कृतिक विरासत को महत्व नहीं देते हुए केवल आरएसएस द्वारा परिभाषित इतिहास और भाषा को ही प्रासंगिक मानते हैं।












