बिहार की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल बांकीपुर उपचुनाव के लिए जिला प्रशासन और निर्वाचन आयोग ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। सभी मतदान केंद्रों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है। मतदान को लेकर मतदाताओं और प्रत्याशियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। चुनाव परिणाम तीन अगस्त को मतगणना के बाद घोषित किए जाएंगे। इस बार बांकीपुर का चुनाव त्रिकोणीय और बेहद हाई-प्रोफाइल मुकाबले के रूप में देखा जा रहा है। मुख्य लड़ाई बीजेपी, आरजेडी और जन सुराज के बीच मानी जा रही है।
बीजेपी ने इस प्रतिष्ठित सीट पर नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि आरजेडी ने रेखा गुप्ता को एक बार फिर मैदान में उतारा है। वहीं, चुनावी रणनीतिकार और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पहली बार स्वयं चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे मुकाबला और अधिक दिलचस्प हो गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस उपचुनाव में केवल एक विधानसभा सीट का फैसला नहीं होना है, बल्कि इसे बिहार की बदलती राजनीतिक दिशा और दलों की संगठनात्मक क्षमता की परीक्षा के रूप में भी देखा जा रहा है। यही वजह है कि सभी प्रमुख दलों ने प्रचार अभियान में अपनी पूरी ताकत झोंक दी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मंत्री विजय कुमार सिन्हा, केंद्रीय मंत्री और बीजेपी और एनडीए के वरिष्ठ नेताओं ने बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष में लगातार चुनाव प्रचार किया।
दूसरी ओर, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव भी पिछले दो दिनों से चुनावी माहौल आरजेडी के पक्ष में बनाने का प्रयास कर रहे हैं। जन सुराज की ओर से प्रशांत किशोर ने भी लगातार क्षेत्र में जनसंपर्क कर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश की। बांकीपुर सीट लंबे समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। पूर्व मंत्री नितिन नवीन यहां से लगातार पांच बार विधायक चुने गए। उनके राज्यसभा सदस्य बनने के बाद यह सीट रिक्त हुई, जिसके कारण उपचुनाव कराया जा रहा है।












