लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कहा कि प्रधान को जाना ही था। वह भ्रष्टाचार, अयोग्यता और शिक्षा व्यवस्था की तबाही का प्रतीक थे और अच्छा हुआ कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया, अब ये प्रतीक हट गया। राहुल गांधी ने कहा कि ये हमारे छात्रों की जीत है, जो हिंदुस्तान के भविष्य हैं। मगर अब शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार को कड़े कदम उठाने होंगे। छात्रों की दो और मांगे हैं, जिन्हें हमें नहीं भूलना नहीं है- छात्रों से बर्बरता करने वालों पर कड़ा एक्शन हो और नरेंद्र मोदी देश के सभी छात्रों से माफी मांगें।
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के खिलाफ हुई हिंसा और उनके विरुद्ध घातक हथियारों और पेलेट गन के इस्तेमाल की अनुमति देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। छात्रों पर सुरक्षा बलों की गोलीबारी मंजूर नहीं। उन्होंने कहा, हम अपने छात्रों पर हुई हिंसा के लिए सीधे तौर पर अमित शाह को ज़िम्मेदार मानते हैं। उन्होंने हमारे छात्रों पर गोली चलाने, जानलेवा हथियारों के इस्तेमाल और उनके खिलाफ पेलेट गन के इस्तेमाल की इजाजत दी। यह एक बुनियादी मुद्दा है। हम यह मंजूर नहीं करते कि हमारे सिक्योरिटी फोर्स भारत के भविष्य पर गोली चलाएं। यह संसद में एक बड़ा मुद्दा बनने वाला है। छात्रों की मांगों में एक यह भी है कि प्रधानमंत्री माफ़ी मांगें।













