पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान से ठीक 36 घंटे पहले मंगलवार तड़के कोलकाता के मेयर और कोलकाता पोर्ट निर्वाचन क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार फिरहाद हकीम के चेतला स्थित आवास पर केंद्रीय बलों और पुलिस पर्यवेक्षक ने छापा मारा। इस दौरान सीआरपीएफ कमांडर और पुलिस पर्यवेक्षक पर हकीम को धमकाने का आरोप लगा है। इस घटना को लेकर कोलकाता में काफी हलचल मची हुई है।
फिरहाद हकीम ने आरोप लगाया कि आधी रात के बाद अचानक केंद्रीय बल और पुलिस पर्यवेक्षक उनके घर आ गए। उन्हें वहां बुलाया गया और सीधे तौर पर चेतावनी दी गई। मेयर के अनुसार, “मुझे बुलाया गया और कहा गया कि इलाके में कोई गड़बड़ी न करें, पोलिंग बूथ पर एजेंटों को बैठने से न रोकें। वरना, इसके गंभीर परिणाम होंगे।” इसके जवाब में फिरहाद ने कहा कि चेतला इलाके में चुनावों के दौरान कभी कोई परेशानी नहीं होती। लेकिन इसके बावजूद उन्हें फिर से धमकाया गया, यह कहते हुए कि ‘बेहतर होगा कि आप ऐसा न करें, वरना हम देख लेंगे।
इस घटना का कड़ा विरोध करते हुए, तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, “मैंने ऐसी घटनाएं नक्सली दौर में देखी थीं, जब घर-घर तलाशी ली जाती थी। क्या मैंने कभी धांधली की है? क्या मैंने कभी बंदूक या चाकू का इस्तेमाल किया है? तो फिर मुझे इस तरह क्यों धमकाया जा रहा है?” उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी सत्ता के इस दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं करेगा और बुधवार को बैलेट बॉक्स के जरिए इसका जवाब देगा।
बता दें कि पश्चिम बंगाल में मतदान के दूसरे और अंतिम चरण में, बुधवार को राज्य की 142 सीटों पर दिग्गज उम्मीदवारों का भविष्य तय होगा। निष्पक्ष चुनाव कराने का दावा करते हुए आयोग ने अकेले कोलकाता में केंद्रीय बलों की 273 कंपनियां तैनात की हैं। इससे पहले दिन में, डायमंड हार्बर के फलता निर्वाचन क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त पुलिस पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा की आलोचना की, जब शर्मा का उनके परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों को धमकाते हुए वीडियो वायरल हुआ।













