शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने निर्वाचन आयोग में मतभेद की खबर सामने आने पर बुधवार को तीखी प्रतिक्रिया देते हुए मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से बर्खास्त किया जाए और लोकतंत्र की हत्या करने के लिए उन्हें जेल भेजा जाए। साथ ही ठाकरे ने यह भी मांग की कि महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हाल में हुए चुनावों को रद्द किया जाए और इन राज्यों में मतपत्रों का उपयोग करके दोबारा मतदान कराया जाए।
उद्धव ठाकरे एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक खबर पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान उनकी जानकारी के बिना जारी किए गए आदेशों और निर्णयों पर बार-बार आपत्ति जताई थी। इनमें फॉर्म-छह में बदलाव और मतदाता सूची आंकड़ा आधार (डेटाबेस) पर नियंत्रण का केंद्रीकरण भी शामिल था।
उद्धव ठाकरे ने दावा किया कि एसआईआर के दौरान पश्चिम बंगाल में 90 लाख मतदाताओं और तमिलनाडु में 70 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र में 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में 45 लाख मतदाता जोड़े गए थे और अब मतदाता सूची में शामिल 40 लाख नागरिकों के नामों पर आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा, “ज्ञानेश कुमार को तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए और जेल भेजा जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने लोकतंत्र की हत्या की है और संविधान का अपमान किया है।” ठाकरे ने कहा, “मैं ज्ञानेश कुमार की पोल खोलने और साहस दिखाने के लिए निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी को धन्यवाद देता हूं।













