कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों से पहले ‘लाडली बहना योजना’ की किस्तें जारी करने को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा और कहा कि यह सरकार का एक और विभाग बन गया है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में हुसैन दलवई ने कहा, “सरकार कोई भी फैसला ले सकती है, लेकिन उसे ऐसे फैसले लेने की इजाजत चुनाव आयोग देता है। चुनाव आयोग को इस पर आपत्ति जतानी चाहिए थी और इसे रोकना चाहिए था। इसके बजाय, यह एक कठपुतली बन गया है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू के समय में बनाई गई स्वतंत्र संस्थाएं जैसे अदालतें, न्यायपालिका और चुनाव आयोग अब कमजोर हो रही हैं। अगर सरकार खुद कानून तोड़ती है, तो चुनाव आयोग को आपत्ति जतानी चाहिए और दखल देना चाहिए। लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।
उन्होंने कहा, “अगर चुनाव आयोग सरकार के निर्देशों पर काम करना शुरू कर दे, तो वह अब स्वतंत्र संस्था नहीं रह जाती। यह सरकार का एक और विभाग बन गया है। यह चुनाव आयोग की नाकामी है। इसने अपनी जिम्मेदारी को पूरी तरह से नजरअंदाज किया है।”
उन्होंने मांग करते हुए कहा, “चुनाव आयोग को जारी होने वाली राशि पर रोक लगानी चाहिए। लोग और सभी राजनीतिक पार्टियां पहले ही यह मांग उठा चुके हैं।” कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार का फैसला पूरी तरह गलत है। यह रिश्वतखोरी के अलावा कुछ नहीं है। जनता से इकट्ठा किया गया पैसा और सरकारी खजाने में जमा किया गया पैसा अब चुनावों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जो बिल्कुल गलत है।













