हिमाचल प्रदेश में पिछले कई दिहनों से हो रही भारी बारिश के चलते भूस्खलनों और बदलन फटने की घटनाओं की वजह से भीषण तबाही मची है। खासकर मनाली–लेह राष्ट्रीय राजमार्ग का एक भाग बह गया, जिससे मनाली और लेह के बीच सड़क संपर्क बुरी तरह बाधित हो गया है।
कहां कितना नुकसा हुआ?
- कुंदरू के पास मनाली–लेह मार्ग बह गया। यह मार्ग पर्यटन और रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- चंडीगढ़–मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-3) के भी कई हिस्से तबाह हुए हैं। बांला, पांडा या केंची मोड़ जैसे जगहों पर सड़क, क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
- चंबा और कुल्लू जिलों में नदियां उफान पर हैं, जिससे बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। रणिंग रावी नदी ने भर्मौर में कई घरों को तहस-नहस कर दिया है और मनिमाहेश यात्रा (तीर्थयात्रा) को भी रोक दिया गया है।
- राज्यभर में 500 से ज्यादा सड़कें बंद पड़ी हैं। मंडी, कुल्लू, चंबा, कांगड़ा, शिमला आदि जिलों में यातायात बुरी तरह प्रभावित है।
- ट्रक फंसे हुए हैं, करीब 50 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लगा हुआ, फल-सब्जियों के भारी नुकसान की आशंका, और ट्रक चालक आपदा का सामना कर रहे हैं।