कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता और सोशल मीडिया व डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत ने एनजीओ ‘ग्राम’ के पीएम मोदी से लिंक की पोल खोलते हुए इसके द्वारा किए गए उस सर्वे पर सवाल उठाया है जिसमें दावा किया गया है कि “अधिकांश नागरिक चुनाव और ईवीएम पर भरोसा करते हैं”। श्रीनेत ने इस सर्वे को अविश्वनीय करार देते हुए इसकी निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं। बता दें कि यह सर्वे चुनाव आयोग की ओर से कराया गया था।
सुप्रिया श्रीनेत ने शुक्रवार को कहा कि एनजीओ ग्राम के संस्थापक बाला सुब्रमणयम हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय में भी काम कर चुके हैं। वो प्रधानमंत्री के कट्टर भक्त हैं। प्रधानमंत्री के तारीफों के संग्रहण को उन्होंने एक पुस्तक का भी रूप दे दिया है। यह पुस्तक उन्होंने गत वर्ष लिखी थी। ऐसे लोगों से आप सर्वे कराकर विश्वसनीयता की उम्मीद भला कैसे कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सर्वे में दावा किया गया है कि लोग चुनावी प्रणाली से पूरी तरह से संतुष्ट हैं। उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं है। सब भ्रामक बातें कही गई हैं, जिनमें बिल्कुल भी सत्यता नहीं है। मैं एक बात दावे के साथ कह सकती हूं कि आप जमीनी स्तर पर लोगों से पूछ लीजिए। लोग बता देंगे कि वो देश की मौजूदा चुनावी प्रणाली से खुश नहीं हैं। ईवीएम से खुश नहीं हैं।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि मौजूदा देश में बड़ी संख्या में लोगों के मन में चुनावी प्रणाली को लेकर असंतोष है। लोग चुनावी प्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों को ईवीएम पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है, लेकिन अफसोस की बात है कि सर्वे में दावा किया जा रहा है कि लोगों के मन में चुनावी प्रणाली को लेकर किसी भी प्रकार का कोई सवाल नहीं है। लोग ईवीएम से खुश हैं. लेकिन किसी को यह नहीं पता है कि जिस व्यक्ति के संरक्षण में ये सर्वे हुआ है, वो प्रधानमंत्री कार्यालय में काम कर चुका है। ऐसी स्थिति में आप भला इस सर्वे को कैसे मान्य और विश्वसनीय मान सकते हैं।













