लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने युवाओं के बीच नशीले पदार्थों की लत के बढ़ते चलन को लेकर शुक्रवार को चिंता जताई और आरोप लगाया कि सरकार इस संकट के निपटने में अनिच्छुक अथवा असमर्थ है। राहुल गांधी से केरल के कुछ चिकित्सकों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।
इस मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘पूरे भारत में हमारे युवा नशे की चपेट में आ रहे हैं। भारत में 2.3 करोड़ ओपिओइड और लगभग एक करोड़ इनहेलेंट उपयोगकर्ता हैं, जो हरियाणा की पूरी आबादी से अधिक है। ऐसा लगता है कि सरकार इस भयावह संकट से निपटने में अनिच्छुक या असमर्थ है जो एक पूरी पीढ़ी को नष्ट कर सकता है।
उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों से संबंधित बढ़ते अपराधों से लड़ना अत्यावश्यक है, लेकिन युवाओं को नशे की ओर ले जाने वाले मूल आर्थिक, सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी कारकों जैसे बेरोजगारी, निराशा और सामाजिक दबाव से भी निपटना होगा।
राहुल गांधी ने कहा, ‘‘मैंने आज केरल के चिकित्सकों और प्रभावशाली लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की, जहां मादक पदार्थों का खतरा हजारों युवाओं को जहर दे रहा है, जिससे अपराध, चिकित्सा आपात स्थिति और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों में वृद्धि हो रही है। उन्होंने मुझसे राज्य में बढ़ती मादक पदार्थों की समस्या से निपटने के लिए जागरूकता अभियान, नशा मुक्ति केंद्रों और परामर्शदाताओं की तत्काल आवश्यकता के बारे में बात की।’’
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह जरूरी है कि सब इस समस्या से निपटने के लिए एक समाज के रूप में मिलकर काम करें।