जल संरक्षण विशेषज्ञ राजेंद्र सिंह ने इंदौर में दूषित पानी पीने के कारण कम से कम छह लोगों की मौत को ‘तंत्र निर्मित आपदा’ करार देते हुए रविवार को आरोप लगाया कि इस त्रासदी की जड़ में भ्रष्टाचार है।
रमन मैगसायसाय पुरस्कार विजेता सिंह ने कहा,‘‘इंदौर की दूषित पेयजल त्रासदी, तंत्र निर्मित आपदा है। ठेकेदार अपना पैसा बचाने के लिए पेयजल की पाइपलाइन ड्रेनेज की पाइपलाइन के पास बिछा देते हैं। भ्रष्टाचार ने पूरे तंत्र को बर्बाद कर दिया है। इंदौर की त्रासदी इस भ्रष्ट तंत्र का ही परिणाम है।’’
उन्होंने कहा कि अगर देश के सबसे साफ शहर में ऐसी त्रासदी हो सकती है, तो समझा जा सकता है कि दूसरे शहरों में पेयजल आपूर्ति प्रणाली के हालात कितने गंभीर होंगे।











