पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले मतदाताओं को लुभाने में पीएम मोदी और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच होड़ दिख रही है। पीएम मोदी जहां शनिवार को करोड़ों रुपये की परियोजनाओं की घोषणा करने बंगाल जाने वाले हैं, वहीं उससे पहले ममता बनर्जी ने शुक्रवार को बड़ा दांव खेलते हुए राज्य के पांच समुदायों को लेकर बड़ी घोषणा कर दी।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को ऐलान किया कि उनकी सरकार जल्द ही पांच समुदायों के लिए नए सांस्कृतिक और विकास बोर्ड बनाएगी। ममता बनर्जी ने एक्स पर पोस्ट में कहा, ‘मैं खुशी से ऐलान करती हूं कि हमारी सरकार जल्द ही मुंडा (अनुसूचित जनजाति), कोरा (अनुसूचित जनजाति), डोम (अनुसूचित जाति), कुम्भकार (अन्य पिछड़ा वर्ग) और सद्गोप (अन्य पिछड़ा वर्ग) समुदायों के लिए पांच नए सांस्कृतिक और विकास बोर्ड बनाएगी।’
ममता बनर्जी ने कहा कि ये समुदाय बंगाल की जीवंत संस्कृति और सामाजिक ताने-बाने का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने बताया कि नए बोर्ड इन समुदायों की अनूठी भाषाओं और परंपराओं की सुरक्षा करेंगे और उनके सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन बोर्डों का उद्देश्य इन समुदायों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के अवसरों में सुधार करना भी है। यह पहल उनके पारंपरिक अधिकारों की सुरक्षा के साथ-साथ उनके सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देने के लिए बनाई गई है। यह कदम उन लोगों की भलाई के लिए है जो लंबे समय से सामाजिक व आर्थिक दृष्टि से पिछड़े हुए हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 से राज्य सरकार ने समाज के कमजोर वर्गों के लिए कई बोर्ड स्थापित किए हैं। इन बोर्डों ने समाज के विभिन्न समुदायों को समावेशी विकास के अवसर प्रदान किए हैं। इस नई पहल का उद्देश्य पहले से चल रहे प्रयासों को और मजबूत करना और प्रत्येक समुदाय की आवश्यकताओं का ध्यान रखना है। उन्होंने कहा, ‘मां, माटी, मानुष’ के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का अर्थ है कि हम यह सुनिश्चित करें कि कोई भी समुदाय पीछे न छूटे। हमारा लक्ष्य सरल है समावेशी प्रगति और अटूट समर्थन के माध्यम से हर चेहरे पर मुस्कान लाना।













