वायनाड:केरल में आपदा के केंद्र सहित वायनाड जिले के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का पांच सदस्यीय विशेषज्ञ दल ने मंगलवार को निरीक्षण शुरू किया तथा परीक्षण के लिए चट्टान और मिट्टी के नमूने एकत्र किए। टीम का नेतृत्व राष्ट्रीय भूविज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक जॉन मथाई ने किया। उन्हें राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा वायनाड के मेप्पाडी पंचायत में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने का काम सौंपा गया है।
जिला प्रशासन ने एक बयान में कहा कि आपदा क्षेत्र में प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण आज दोपहर तक निरीक्षण रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण 15 अगस्त तक जारी रहेगा। बयान में कहा गया, “टीम ने भूस्खलन के केंद्र पुंचिरिमट्टोम और आसपास के क्षेत्रों का विस्तृत निरीक्षण किया तथा वहां से मिट्टी और चट्टान के नमूने एकत्र किए।”
टीम आपदा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों और आसपास के स्थलों में संभावित खतरों का आकलन करेगी। बयान में कहा गया है कि यह आपदा कैसे आई और भूस्खलन क्यों हुआ, इसका पता लगाने का भी प्रयास किया जाएगा। निरीक्षण के बाद विशेषज्ञ दल अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा और क्षेत्र के लिए उपयुक्त भूमि उपयोग की सिफारिश भी करेगा। यह दल आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अधिनियम 2005 के अंतर्गत कार्य करेगा।













