बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के आखिरी दिन गुरुवार को भी विपक्ष ने विधानसभा के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। विपक्षी दलों ने वक्फ संशोधन विधेयक के विरोध में प्रदर्शन किया और बिहार की नीतीश सरकार को घेरते हुए इस बिल को लेकर कड़ी आलोचना की।
दरअसल, बजट सत्र के अंतिम दिन विपक्ष ने वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की। राजद के विधायकों का कहना है कि वक्फ संशोधन विधेयक से मुस्लिम समुदाय की धार्मिक स्वतंत्रता को खतरा है और यह उनके अधिकारों का उल्लंघन करता है।
प्रदर्शनकारियों ने ‘वक्फ बोर्ड बिल वापस लो’, ‘नीतीश कुमार जवाब दो’ के नारे लगाए और सरकार से इस बिल को रद्द करने की मांग की। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार मुस्लिम समुदाय की संपत्ति पर कब्जा करने की साजिश कर रही है।
आरजेडी के विधायक रणविजय साहू ने कहा, “वक्फ संशोधन विधेयक पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खामोश हैं। मुख्यमंत्री कुछ बोल नहीं पा रहे हैं। मुख्यमंत्री राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गोद में बैठ गए हैं और लाचार दिख रहे हैं। उनको स्पष्ट करना चाहिए कि उनका वक्फ संशोधन विधेयक को समर्थन है या विरोध।
विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि इस बिल के जरिए पूरे देश में धार्मिक तनाव बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है। सदन के अंदर भी विपक्ष ने वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर जोरदार हंगामा किया।
बिहार विधानमंडल में बजट सत्र का गुरुवार को आखिरी दिन रहा। बिहार विधानसभा का बजट सत्र 28 मार्च के बजाय 27 मार्च को ही समाप्त हो गया। इससे पहले वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और देशभर के प्रमुख धार्मिक एवं सामाजिक मुस्लिम संगठनों ने बुधवार को भी पटना में गर्दनीबाग में धरना दिया।
इस कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग भी पहुंचे। राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू यादव और विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव भी धरनास्थल पहुंचे और संगठनों का पुरजोर समर्थन करने की घोषणा करते हुए बिल के विरोध की बात कही।