असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के विवादित और नफरती बयानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा। इन याचिकाओं में सरमा के कई हालिया बयानों के साथ उनके द्वारा पोस्ट एक वायरल वीडियो को लेकर आरोप लगाया गया है कि वह संवैधानिक पद पर होने के बावजूद घृणा फैलाने वाले सांप्रदायिक बयान दे रहे हैं, जो संविधान के मूल्यों के खिलाफ है। वायरल वीडियों में वह समुदाय विशेष के लोगों पर राइफल से निशाना साधते और गोली चलाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
उच्चतम न्यायालय की वाद सूची के अनुसार, प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ द्वारा इस मामले की सुनवाई किए जाने की संभावना है। उच्चतम न्यायालय ने सीएम हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ कार्रवाई के अनुरोध वाली वाम नेताओं की एक याचिका पर सुनवाई करने पर 10 फरवरी को सहमति जतायी थी।
हालांकि, शीर्ष अदालत ने असम में आसन्न विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा था, ‘‘समस्या यह है कि चुनाव का कुछ हिस्सा उच्चतम न्यायालय में लड़ा जाता है।’’ चीफ जस्टिस ने वकील निजाम पाशा की दलीलों पर संज्ञान लेते हुए कहा कि वह याचिका को सूचीबद्ध करने पर विचार करेगी।













