27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता के सामने पूरा भविष्य खुला पड़ा था। करियर, सपने और परिवार की उम्मीदें, सब कुछ एक ही पल में खत्म हो गया। अब उनके पिता राजकुमार मेहता के लिए सबसे बड़ा सच यही है कि कोई भी सजा उनके बेटे को वापस नहीं ला सकती, लेकिन जिम्मेदारों पर कार्रवाई से किसी और घर में ऐसा मातम जरूर रोका जा सकता है।
यह दर्दनाक हादसा 17 जनवरी की सुबह नोएडा सेक्टर-150 में हुआ। घने कोहरे के बीच युवराज की एसयूवी सड़क से फिसलकर एक ऐसे गड्ढे में जा गिरी, जो पानी से भरा था और जहां कोई बैरिकेड या चेतावनी संकेत मौजूद नहीं था। गाड़ी पल भर में पानी में डूब गई।













